
कार्यक्षेत्र
कोर्ट मैरिज एवं विवाह पंजीकरण
कोर्ट मैरिज, पंजीकरण एवं प्रमाणपत्र पर तुरंत मार्गदर्शन।
इसमें क्या शामिल है
दस्तावेज़ सही होने पर कोर्ट मैरिज सरल है। देरी अधिकतर पतों में अंतर, गवाहों की कमी या विशेष विवाह अधिनियम की अधूरी सूचना के कारण होती है।
विशेष विवाह अधिनियम एवं हिंदू विवाह अधिनियम के तहत विवाह, 30 दिन की सूचना प्रक्रिया, गवाहों की व्यवस्था तथा गाज़ियाबाद, नोएडा व दिल्ली में विवाह अधिकारी/रजिस्ट्रार के समक्ष पंजीकरण में सहायता दी जाती है।
वीज़ा, पासपोर्ट, बैंक एवं बीमा आवश्यकताओं हेतु प्रमाणित विवाह प्रमाणपत्र भी दिलाया जाता है।
सामान्यतः देखे जाने वाले मामले
- विशेष विवाह अधिनियम के तहत कोर्ट मैरिज
- हिंदू विवाह अधिनियम के तहत पंजीकरण
- 30 दिन की सूचना एवं आपत्ति निपटान
- वीज़ा एवं पासपोर्ट हेतु विवाह प्रमाणपत्र
- अंतर-धार्मिक एवं अंतर-जातीय विवाह में सहयोग
कोर्ट मैरिज एवं विवाह पंजीकरण
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